मौत आने के वक़्त शैतान ईमान छीन लेने की फिराक में रहता है। 05

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*🥀 बीमारी का बयान 🥀*



         📬पोस्ट नम्बर -:: 5️⃣

*🫀 शैतान ईमान छीनना चाहता है*

🛌🏼 मौत आने के वक़्त शैतान ईमान छीन लेने की फिराक में रहता है। जिसे अल्लाह तआला उसके धोके से बचाए और ईमान पर खात्मा नसीब फरमाए वही अपनी मुराद को पहुंचता है।

✨ जब मौत का वक़्त करीब आये और यह अलामतें पायी जाए यानी सांस उखड़ने और जल्दी जल्दी चलने लगे, पांव सुस्त हो जाये, नाक टेढ़ी और मुह की खाल सख्त हो जाये, और दोनों कनपटियां बैठ जाये तो सुन्नत यह है कि दाहिनी करवट पे लिटा कर क़िब्ला की तरफ उसका मुंह कर दे। और यह भी जाएज़ है कि चित लिटाये और क़िब्ले को पाँव करे कि ऐसे भी क़िब्ले को मुंह हो जाएगा। मगर इस सूरत में सर को थोड़ा ऊंचा रखे।
*(📚बहारे शरीअत 4,हिस्सा सफा 107)*

*🌪️ रूह निकलते वक़्त क्या करें*

*🛌🏼 मसअला:-* जान निकलने की हालत में जब तक रूह गले को न आई हो उसे तलक़ीन करे *( यानी उसके पास बुलंद आवाज से कलमए तय्यब या कलमए शहादत पढ़े)* ताकि वह सुन कर पढ़े। मगर उससे यह न कहें कि कलमा पढ़।

🪔 तुम्हें क्या मालूम वह किस तकलीफ और सख्ती में है। तलक़ीन के वक़्त उसके पास नेक और परहेजगार लोगों का होना बहुत अच्छी बात है। और उस वक़्त वहां सूरह यासीन शरीफ की तिलावत होना और खुशबू होना मुस्तहब है। जैसे लुभान या अगरबत्ती सुलगा दें।
*(📚बहारे शरीअत 4,हिस्सा सफा 107)*



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