बुखार को बुरा न कहो
🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴
*🥀 बीमारी का बयान 🥀*
📬पोस्ट नम्बर -::2️⃣
*💫हुजूर अक़दस सल्लल्लाहु अलैह वसल्लम फरमाते हैं।*
2- मुसलमान को जो तकलीफ पहुँचती है मर्ज़ हो या उसके सिवा कुछ और, अल्लाह तआला उसके सबब उसकी बुराइयाँ गिरा देता है। जैसे दरख्त से पत्ते झड़ते हैं।
3- बुखार को बुरा न कहो कि वह आदमी के गुनाहों को इस तरह दूर करता है जैसे आग की भट्टी लोहे के मैल को।
*📚 बुख़ारी व मुस्लिम*
*📚 बहारे शरीयत हिस्सा,4*
*हुजूर अक़दस सल्लल्लाहु अलैह वसल्लम फरमाते हैं।*
बंदे के लिये इल्मे इलाही में कोई मर्तबा मुकर्रर होता है। और वह अपने आमाल के सबब उस रूतबा को पहुंच नहीं पाता तो अल्लाह उसके बदन या माल या औलाद को बला व मुसीबत में डाल देता है। फिर उसे सब्र अता फरमाता है। यहाँ तक कि उसे उस मर्तबा तक पहुंचा देता है जो उसके लिए इल्मे इलाही में है।
*📚 अहमइ व अबुदाऊद*
*✨मसला:-* दुख व मुसीबत से घबरा कर दुनिया की तकलीफों और परेशानियों से बचने के लिए मौत की चाहत नाजाइज़ है।
ऐ अजीज़/अजीज़ा! वहां के लिए क्या जमा की यहाँ से भागता है। अगर मौत की सख्ती से वाकिफ हो तो आरजु करे। काश तमाम दुनिया की तकलीफ मुझ पर हो और कुछ दिन मौत से मोहलत मिले।
👑👑👑👑👑👑👑👑👑👑
*🏁 MASLAKE AALA HAZRAT 🔴*
https://chat.whatsapp.com/BlTnmJKrHakLQ0Y3Q9Q1KC
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें